कार्यालय योग विभागाध्यक्ष शासकीय योग प्रशिक्षण केन्द
योग का इतिहास - योग प्राचीन भारतीय परम्परा एवं संस्कृति की अमूल्य देन है। भारतीय संस्कृति में योग विद्या का महत्वपूर्ण स्थान है। भारतीय दर्शन को स्पष्ट करने वाले 6 दर्शनों में से 1 योग दर्षन है। योग शास्त्र बहुत प्राचीन शास्त्र है महर्षि पतंजलि ने ईसा से 200 वर्ष पहले योग शास्त्र की रचना सूत्र रूप में की थी। उनके पूर्व योग विषयक जानकारी विभिन्न ग्रंथों वेदों आदि में बिखरे हुए रूप में थी। बाद के काल में उपनिषद, संहिता, हठ योगप्रदीपिक,घेरण्ड संहिता, शिव संहिता जैसे अलग-अलग ग्रंथों में योग का विस्तार पाया जाता है योग शास्त्र मानवजाति के लिए वरदान है। यह अभ्यास शरीर एवं मन; विचार एवं कर्म; आत्मसंयम एवं पूर्णता की एकात्मकता तथा मानव एवं प्रकृति के बीच सामंजस्य स्थापित करता है तथा यह स्वास्थ्य एवं कल्याण का पूर्णतावादी दृष्टिकोण है। योग केवल व्यायाम नहीं है, बल्कि स्वयं के साथ, विश्व और प्रकृति के साथ एकत्व खोजने का भाव है। योग हमारी जीवन शैली में परिवर्तन लाकर हमारे अन्दर जागरूकता उत्पन्न करता है तथा प्राकृतिक परिवर्तनों से शरीर में होने वाले बदलावों को सहन करने में सहायक हो सकता है।
योग प्रशिक्षण केन्द्र का पता
डी-103/3, रेडक्रास हॉस्पिटल के पास, लिंक रोड नं.-1, शिवाजी नगर, भोपाल
फोनः- 0755-2574828,
ई-मेल :- gytc.mpbhopal@gmail.com
योग छात्रावास का पता
राज्य स्तरीय शासकीय योग प्रशिक्षण केन्द्र भोपाल के प्रशिक्षणार्थियो की आवास व्यवस्था हेतु तुलसी नगर, भोपाल में मयूर पार्क के पीछे आवास क्र. एच 92ए/73 से 84 तक छात्रावास एवं मैस उपलब्ध है। जिसमें प्रशिक्षणार्थियों की आवास एवं भोजन व्यवस्था की जाती है।